लालची किसान की सीख – लालच का बुरा परिणाम बताने वाली कहानी
एक छोटे से गाँव में मोहन नाम का एक किसान रहता था। वह मेहनती तो था, लेकिन उसके मन में हमेशा अधिक धन पाने की इच्छा रहती थी। उसके पास एक छोटा खेत था और वह उसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
एक दिन जब वह अपने खेत में काम कर रहा था, तब उसे झाड़ियों में एक अजीब-सी मुर्गी दिखाई दी। उसने मुर्गी को पकड़कर घर ले आया। अगले दिन जब उसने मुर्गी के नीचे देखा, तो वह हैरान रह गया। मुर्गी ने सोने का अंडा दिया था।
मोहन को अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ। उसने वह अंडा शहर में बेच दिया और बदले में उसे बहुत पैसे मिले।
अब हर दिन मुर्गी एक सोने का अंडा देने लगी। धीरे-धीरे मोहन अमीर बनने लगा। उसके घर में खुशियाँ आने लगीं।
लेकिन कुछ समय बाद मोहन के मन में लालच पैदा हो गया।
वह सोचने लगा –
“अगर यह मुर्गी रोज़ एक सोने का अंडा देती है, तो इसके पेट में जरूर बहुत सारे सोने के अंडे होंगे। अगर मैं इसे अभी काट दूँ, तो मुझे सारे अंडे एक साथ मिल जाएंगे।”
यह सोचकर उसने जल्दबाज़ी में मुर्गी को मार दिया।
लेकिन जब उसने मुर्गी का पेट खोला, तो अंदर कोई सोने का अंडा नहीं था।
मोहन को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने लालच में आकर अपनी सबसे बड़ी संपत्ति खो दी थी।
अब उसके पास न तो सोने के अंडे थे और न ही वह मुर्गी।
मोहन बहुत पछताया, लेकिन अब कुछ भी नहीं हो सकता था।
उस दिन उसे समझ आया कि लालच इंसान की समझ छीन लेता है और अंत में नुकसान ही देता है।
कहानी से सीख (Moral of the Story) लालच बुरी बला है। जो हमारे पास है, उसमें संतोष रखना चाहिए।